नर्मदाखंड शिवलिंग दर्शन यात्रा

हिंदी में पूर्ण विवरण

॥ नत्वीय पाद पंकजं नमामि देवी नर्मदे ॥

 

नर्मदा खण्ड शिवलिंग दर्शन यात्रा


श्रावण मास में नेमावर से बड़वानी नर्मदा खण्ड दर्शन की अद्भुत यात्रा

 

अवधि:- 9 दिवस 8 रात्रि

 

यात्रा प्रारंभ एवं समापन:- ओंकारेश्वर (म.प्र.)

 

दिनांक:- 02-09-2026 से 10-09-2026  (अमांत श्रावण कृ. 5 से 14 तक)

 

यात्रा राशि :- ₹27,000/- (प्रति व्यक्ति)

 

भोजन, निवास, प्रवास, पूजन सामग्री, स्थानीय भ्रमण, नाव, गाइड, दर्शनीय स्थल शुल्क आदि समस्त शुल्क सम्मिलित 

 

यात्रा विशेषता :-

 

माँ नर्मदा शिवपुत्री है, माँ नर्मदा के तट पर श्रावण मास में शिवभक्ति का हर्षोल्लास देखते ही बनता है। श्रावण मास में नर्मदा के तट के दिव्य पुराणोक्त शिव तीर्थ दर्शन का अत्यन्त विशेष महत्व है। इसी कारण कैवल्यधाम द्वारा नाभि तीर्थ (नेमावर) से शूलपाणी प्रवेश द्वार (बड़वानी, राजघाट) तक अद्वितीय तीर्थ दर्शन यात्रा का आयोजन किया गया है।

इस यात्रा में माँ नर्मदा तट के ऐसे तीर्थों के दर्शन का योग है, जिनके दर्शन वाहन द्वारा सम्पूर्ण परिक्रमा में नहीं हो पाते हैं। श्रावण मास में माँ नर्मदा तट के लगभग 21 दिव्य पुराणोक्त शिवलिंगों के दर्शन-पूजन का लाभ मिलता है। वर्षा काल होने के कारण माँ नर्मदा का विशाल स्वरूप (बाढ़ की स्थिति) के दर्शन की भी संभावना है।

इन्हीं विशेषताओं के कारण ‘नर्मदा खण्ड शिवलिंग दर्शन यात्रा’, माँ नर्मदा के दिव्य स्वरूप दर्शन की अद्भुत, अतिदिव्य यात्रा है। श्रावण मास में आयोजित होने वाली इस अनोखी यात्रा में आपका हार्दिक स्वागत है।

 

यात्रा कार्यक्रम :-

 

प्रथम दिवस (02-09-26) :- प्रातः 10 बजे से ओंकारेश्वर में एकत्रीकरण एवं आयोजकों की सेवा प्रारंभ।

 

आठवां दिवस (10-09-26) :- रात्रि 8 बजे यात्रा समापन एवं ओंकारेश्वर रात्रि विश्राम।

 

नवम दिवस (11-09-26) :- प्रातः 10 बजे यात्रा विसर्जन एवं आयोजकों की सेवा समापन।

 

दर्शनीय तीर्थस्थल :-

 

रावेरखेड़ी (बाजीराव पेशवा समाधि),  बकावां (नर्मदेश्वर शिवलिंग निर्माण स्थल),  तेली भट्ट्यान (संत सियाराम बाबा दर्शन), धरमपुरी (बिल्वमतेश्वर दीप, दधीचि तपस्थली), मांडवगढ़ दर्शन (नीलकंठेश्वर, चतुर्भुज श्रीराम मंदिर, रेवाकुंड, रूपमती विपिका, जहाज महल आदि), महेश्वर (घाट, अहिल्यामाता राजवाड़ा, सहस्त्रार्जुन मंदिर, सहस्त्रधारा आदि), कठोरा (माण्डव्य गुफा), मंडलेश्वर (गुप्तेश्वर, पू. गोंदवलेकर महाराज श्रीराम मंदिर), नेमावर (सिद्धनाथ, नाभिकुंड), हंडिया (ऋद्धनाथ), मनावर (देवरा सिद्ध शिवालय), बड़वाह (जयंती माता, च्यवन ऋषि तपस्थली महोदरी), बड़वानी (राजघाट, रोहिणी तीर्थ, पू. टेंबे स्वामी महाराज स्थापित एक मुखी दत्तात्रेय मंदिर), लोहारा (कपिल मुनि तपस्थली घाट), नावड़ा टोड़ी (शालिवाहन मंदिर), खेगांव (धारेश्वर तीर्थ), ओखलेश्वर (सिद्धस्वयंभू हनुमान), पीपरी (सीतावन, सीताकुंड), बीड़ (संत सिंगाजी समाधि), बोधवाड़ा (देवपथ तीर्थ लिंग), निसरपुर (कोटेश्वर), कटघड़ा (कैवल्यधाम आश्रम), ओंकारेश्वर (ममलेश्वर, नाव द्वारा मांधाता पर्वत परिक्रमा)।

 

नोट:- नाव द्वारा मांधाता परिक्रमा मां नर्मदा के जलस्तर पर निर्भर है।

राजघाट एवं कोटेश्वर (निसरपुर) के दर्शन सरदार सरोवर बांध के जलस्तर पर निर्भर हैं।

वर्षाकाल होने से कार्यक्रम में आंशिक परिवर्तन का अधिकार आयोजकों के पास सुरक्षित है।

 

अर्थ व्यवस्था :-
 

आरक्षण के समय रु. 9,000/- प्रति व्यक्ति जमा करके अपना स्थान सुनिश्चित करें।

 

शेष राशि यात्रा प्रारंभ होते समय जमा करें।

 

आपके द्वारा चयनित यात्रा प्रारंभ होने से 60 अथवा अधिक दिन पहले आरक्षण निरस्त करने पर रु. 2,000/-, 30 से 59 दिन के मध्य कुल यात्रा राशि का 25%, तथा 15 से 29 दिन के मध्य कुल यात्रा राशि का 50% काटकर राशि वापस की जाएगी।

 

यात्रा प्रारंभ होने में 15 दिन शेष रहने पर कोई राशि लौटाई नहीं जाएगी।

 

बताई गई समय सीमा में यात्रा राशि जमा न करने पर आरक्षण स्वतः निरस्त माना जाएगा एवं नियमानुसार राशि काटकर शेष राशि लौटा दी जाएगी।

 

आरक्षण राशि जमा करने पर यात्री को सभी सुविधाएँ और नियम ज्ञात एवं मान्य हैं, ऐसा माना जाएगा।

 

यात्रा प्रारंभ होने के पश्चात किसी कारणवश बीच में यात्रा छोड़ने पर कोई राशि वापस नहीं लौटाई जाएगी।

 

ओंकारेश्वर तक के आवागमन का व्यय यात्री स्वयं वहन करेंगे।

 

किन्हीं अपरिहार्य कारणों से आरक्षण निरस्त करने पर अपने स्थान पर अन्य यात्री को भेज सकते हैं।

 

आरक्षण निरस्त होने पर यात्रा राशि अन्य यात्राओं में समायोजित नहीं होगी।

 

कृपया किसी प्रकार की छूट अथवा डिस्काउंट की चर्चा न करें।

 

प्राकृतिक आपदा अथवा शासकीय प्रतिबंध (लॉकडाउन, कर्फ्यू) की स्थिति में यात्रा निरस्त होने पर जमा राशि वापस (रिफंड) न करते हुए भविष्य की यात्रा में समायोजित होगी।

 

प्रवास व्यवस्था :-

 

सम्पूर्ण यात्रा 2+1 (17 सीटर) अथवा 2+2 (26 सीटर) एसी टेम्पो ट्रैवलर मिनी बस द्वारा सम्पन्न होगी, जिससे छोटी सड़कों और दुर्गम स्थानों पर आवागमन में सुविधा रहेगी।

 

प्रतिदिन 1 से 1.5 कि.मी. पैदल चलने की मानसिक एवं शारीरिक तैयारी के साथ यात्रा में पधारें।

 

यात्रा प्रारंभ होने के पश्चात किसी कारणवश बीच में यात्रा छोड़ने पर कोई राशि वापस नहीं लौटाई जाएगी।

 

बैठक व्यवस्था पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर रहेगी।

 

 

भोजन व खानपान व्यवस्था :-

 

यात्रा में दोनों समय शुद्ध-सात्विक स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी, जिसमें समयानुसार मिष्ठान्न का समावेश रहेगा।

 

सामूहिक उपवास (जन्माष्टमी, एकादशी) की व्यवस्था रहेगी। व्यक्तिगत एवं साप्ताहिक उपवास की व्यवस्था नहीं रहेगी।

 

प्रातःकाल नाश्ता एवं दो समय चाय/कॉफी की (वेंडिंग मशीन द्वारा) व्यवस्था रहेगी।

 

समय पर भोजन प्रसादी की व्यवस्था के लिए अलग भोजन वाहन की व्यवस्था रहेगी।

 

प्रत्येक यात्री को प्रतिदिन 2 लीटर पैकेज्ड पेयजल प्रदान किया जाएगा।

 

निवास व्यवस्था :-

 

यात्रा में सर्वत्र 2 यात्रियों के लिये 1 डबल बेड अटेच सुविधा गृह युक्त कमरे की व्यवस्था रहेगी।

 

सुविधायुक्त स्थानों पर निवास व्यवस्था होने के कारण यात्रियों को कंबल, ब्लैंकेट, चादर आदि अपने साथ लाने की आवश्यकता नहीं हैं।

 

निवास व्यवस्था नॉन ए.सी. रहेगी, ए.सी. सुविधा का अतिरिक्त शुल्क देय होगा।

 

प्रथम तल (फर्स्ट फ्लोर) तक चढ़ने उतरने की मानसिकता के साथ यात्रा करें। एक दो स्थानों पर लिफ्ट सुविधा उपलब्ध नहीं है।

 

यात्रा के अतिरिक्त ओंकारेश्वर में निवास का व्यय यात्री स्वयं वहन करेंगे।

 

सामान एवं अन्य निर्देश :-

 

यात्री अपने शारीरिक स्वास्थ्य एवं परहेज का स्वयं ध्यान रखेंगे। नियमित औषधियाँ पर्याप्त मात्रा में साथ में रखें। 

 

प्राथमिक उपचार की सुविधा रहेगी, स्वास्थ्य अधिक खराब होने की परिस्थिति में परिजनों को सूचना देकर उचित निर्णय लिया जायेगा।

 

कम से कम सामान के साथ यात्रा करके अधिक से अधिक आनंद प्राप्त करें। 3-4 दिन का सामान छोटे एयरबैग में रखें, जो आप प्रतिदिन वहन करेंगे। 

 

बड़ा सूटकेस अथवा बैग जो वाहन की डिक्की में रखा जायेगा, वह आपको 3-4 दिन में एक बार सेवकों के माध्यम से विश्राम स्थल पर दिया जायेगा।

 

मूल्यवान आभूषण, वस्तुएँ स्वयं की जिम्मेदारी पर साथ में लावें।

 

यात्री अपने साथ शासन प्रमाणित परिचय पत्र (आधार कार्ड आदि) एवं एक पासपोर्ट आकार का फोटो आवेदन पत्र में संलग्न करें।

 

माँ नर्मदा में स्नान करते समय एवं अन्य स्थानों पर सुरक्षा निर्देशों का पालन करना यात्री का उत्तरदायित्व है।

 

माँ नर्मदा के घाटों पर स्वच्छता का ध्यान रखना एवं स्नान के समय साबुन का प्रयोग न करना यात्री का कर्तव्य है।

 

तत्कालीन अपरिहार्य परिस्थिति के कारण कार्यक्रम में परिवर्तन का अधिकार आयोजकों के पास सुरक्षित है। सभी विवादों का न्यायक्षेत्र बड़वाह रहेगा।

 

वर्षाकाल होने के कारण यात्री अपने साथ स्वयं छाता अथवा रेनकोट लावें। अपना सामान जलरोधी (वाटरप्रूफ) बैग में लावें।

 

श्रावण मास में आयोजित होने वाली इस अनोखी यात्रा में आपका हार्दिक स्वागत है।

 

 

||नर्मदे हर ||

DETAILS IN ENGLISH

 

 

Narmada Khand Shivling Darshan Yatra

 


A divine and wonderful journey of Narmada Khand Darshan from Nemawar to Barwani during the holy month of Shravan, covering over 32 divine pilgrimage sites

 

Duration:- 9 Days / 8 Nights

 

Journey Start & End Point:- Omkareshwar (Madhya Pradesh)

 

Dates:- 02-09-2026 to 10-09-2026

 

Package charges:- ₹27,000/- per person

 

Includedes :-  Lunch, dinner, Breakfast, Tea/Coffee, Accommodation, Packaged Drinking Water, Local Sightseeing charges, Travelling, Boat Rides charges, Tour Guide, Entry fees at tourist spots.

 


Maa Narmada is the daughter of Lord Shiva. During the holy month of Shravan, the vibrant enthusiasm of Shiva devotion along the banks of Maa Narmada is truly a sight to behold. Visiting the divine, Pauranik Shiva pilgrimage sites on the banks of the Narmada during Shravan holds immense significance. For this very reason, Kaivalyadham has organized a unique pilgrimage tour spanning from the Nabhi tirth(Nemawar) to the Shoolpaneshwar Gateway (Barwani, Rajghat).

This journey offers a rare opportunity to visit those sacred sites along the Narmada banks that cannot be accessed during complete Narmada Parikrama by vehicle. During the auspicious month of Shravan, devotees will have the privilege of worshipping and seeking blessings at approximately 21 divine, Pauranik Shivlingas along the bank of maa Narmada. Additionally, due to the monsoon season, there is a strong possibility of witnessing the majestic, grand form (flood conditions) of Maa Narmada.

These exceptional features make the 'Narmada Khand Shivling Darshan Yatra' an extraordinary and deeply divine journey to experience the sacred essence of Maa Narmada. We cordially welcome you to join this unique pilgrimage organized in the holy month of Shravan.


Travel Itinerary :-

 

Day 1 (02-09-26) :- From 10:00 AM: Gathering in Omkareshwar and commencement of services by the organizers.

 

Day 8 (10-09-26) :- 8:00 PM: Conclusion of the tour and night stay at Omkareshwar.

 

Day 9 (11-09-26):- 10:00 AM: Dispersal of the tour group and conclusion of services by the organizers.

 

Pilgrimage & Sightseeing Destinations :- 


Raverkhedi, Samadhi (mausoleum of Peshwa Bajirao), village Bakawan (Making site of Narmadeshwar Shivlings), Teli Bhatyan: Darshan of Saint Siyaram Baba ashram, Dharampuri: Bilvamruteshwar island, penance site (Tapasthali) of Sage Dadhichi, Mandavgarh Darshan (Neelkantheshwar, Chaturbhuj Shri Ram Temple, Rewa Kund, Roopmati Pavillion, Jahaj Mahal, etc.) Maheshwar (beautiful Narmada Ghat, Ahilya Mata Fort, Sahastrarjun Temple, Sahastradhara, etc.), Kathora: Mandavya rishi Cave, Mandleshwar (Gupteshwar, Pujya Gondavalekar Maharaj Shri Ram Temple), Nemawar (Siddhanath, Nabhikund (Center of River Narmada), Handia: Riddhanath, Manawar: Deora Siddha Shivalaya, Barwaha: Jayanti Mata, Mahodari (Penance site of Sage Chyavana), Barwani (Rajghat, Rohini Teerth, Ek Mukhi Dattatraya Temple established by Pujya Tembe Swamiji maharaj), Lohara (Kapil Muni Penance Site Ghat), Navadatodi (Shalivahan Temple), Khaigaon (Dhareshwar Teerth), Okhleshwar (Siddha Swayambhu Hanuman), Pipri (Sitavan, Sita Kund), Beed (Samadhi of Saint Singaji), Bodhwada (Devpath Teerth Ling), Nisarpur Koteshwar), Katghada Kaivalyadham Ashram, Omkareshwar (Mamleshwar, Mandhata Parvat Parikrama by boat)

 

Please note that :-


The Mandhata parvat Parikrama by boat is subject to the water level of maa Narmada.

The visits to Rajghat and Koteshwar (Nisarpur) depend on the water level of the Sardar Sarovar Dam.

Due to the monsoon season, the organizers reserve the right to make partial changes to the schedule.


Financial Terms:-


Lunch, dinner, Breakfast, Tea/Coffee, Accommodation, Packaged Drinking Water, Local Sightseeing charges, Travelling, Boat Rides charges, Tour Guide, Entry fees at tourist spots, Poojan Samagri are included in yatra fare.

 

Reserve your seat by dipositing advance amount of ₹9,000/- per person at the time of booking.

 

The remaining balance must be paid on the starting day of yatra.

 

If you cancel your reservation, the refund will be processed after deductions based on the following timeline (prior to the selected departure date):

 

Cancellation Charges / Policy :-


60 days or more before departure ₹2,000/- will be deducted.
 

Between 30 to 59 days 25% of the total tour cost will be deducted.
 

Between 15 to 29 days 50% of the total tour cost will be deducted.
 

Less than 15 days remaining No refund will be provided.
 

Failure to pay the remaining tour cost within the specified time limit will result in automatic cancellation of the reservation. The remaining balance 

 

will be refunded after deducting charges as per the rules.

 

Upon paying the booking amount, it will be assumed that the passenger is aware of and agrees to all rules, regulations, and available facilities.

 

If any passenger leaves the tour midway for any reason after it has commenced, no amount will be refunded.

 

Passengers must bear their own travel expenses to and from Omkareshwar.

 

If you have to cancel your booking due to unavoidable circumstances, you may send another passenger in your place.

 

In the case of a cancellation, the booking amount will not be adjusted or transferred to any other future tours.

 

Please avoid discussion on discounts or concessions.

 

If the tour canceles due to natural disasters or government restrictions (such as lockdowns or curfews, war), the deposited amount will not be refunded but will be adjusted in future tour.

 


Travelling Arrangements:-

 


The entire journey will be conducted via a 2+1 (17-seater) or 2+2 (26-seater) A/C Tempo Traveler mini-bus. This will ensure convenient commuting through narrow roads and difficult terrains.

 

Please join the journey with the mental and physical preparedness to walk 1 to 1.5 km daily.

 

Seating will be allocated on a first-come, first-served basis.

 

Food & Catering Arrangements :-
 

Pure satvik and delicious meals will be provided twice a day, which will include sweets time to time.

 

Fasting Arrangements will be made for collective fasts (such as Janmashtami and Ekadashi). 

 

Individual or weekly fasting arrangements will not be available.

 

Morning breakfast and tea/coffee (through vending machines) will be provided twice a day.

 

A separate catering vehicle will accompany the tour to ensure timely service of meal's

 

Each passenger will be provided 2 liters of packaged drinking water every day.


 

Accommodation Arrangements:-


Accommodation will be provided on a twin-sharing basis (2 passengers per room) with one double bed and an attached bathroom, throughout the journey,

 

Since accommodations are well-equipped with amenities, passengers do not need to bring their own blankets, quilts, or bedsheets.

 

Accommodation will be Non-A.C basis. Additional charges will apply for A.C. facilities.

 

Please travel with the mindset of climbing up to the first floor. Lift/elevator facilities may not be available at one or two location

 

Additional stey expenses at Omkareshwar before or after yatra outside will be borne by the passengers themselves.

 

Baggage and Other Instructions :-

 

Passengers/Pilgrims must take care of their own physical health and dietary restrictions. Keep a sufficient quantity of regular medicines with you.

 

First aid facilities will be available; in case of severe health deterioration, family members will be informed to make appropriate decisions.

 

Maximize your enjoyment by traveling with minimal luggage. 

 

Keep 3–4 days' worth of essentials in a small handbag/airbag that you will carry with you daily. 

 

Large suitcases or bags will be stored in the vehicle's trunk and will be delivered to you at the rest stop once every 3–4 days by the volunteers.

 

Bring valuable jewelry and items entirely at your own risk and responsibility.

 

Passengers must attach a government-authorized identity card (Aadhaar card, etc.) and a passport-sized photograph with the application form.

 

It is the passenger's responsibility to follow safety instructions while bathing in Mother Narmada and at other locations.

 

It is the passenger's duty to maintain cleanliness at the banks (Ghats) of Mother Narmada and to avoid using soap while bathing.

 

The organizers reserve the right to alter the schedule due to any sudden, unavoidable circumstances. 

 

The legal jurisdiction for all disputes will be Barwaha.

 

Due to the rainy season, passengers must bring their own umbrella or raincoat. 

 

Bring your belongings in a waterproof bag.

 

We cordially welcome you to join this unique pilgrimage organized in the holy month of Shravan.

 

 

|| NARMADE HAR ||

मराठित पूर्ण विवरण

॥ त्वदीय पाद पंकजं नमामि देवी नर्मदे ॥

 

नर्मदा खंड शिवलिंग दर्शन यात्रा


श्रावण महिन्यात नेमावर ते बडवानी नर्मदा खंड दर्शनाची अद्भुत यात्रा

 

कालावधी:- ९ दिवस ८ रात्री

 

यात्रा प्रारंभ आणि समाप्ती: ओंकारेश्वर (म.प्र.)

 

दिनांक: ०२-०९-२०२६ ते १०-०९-२०२६ (अमांत श्रावण कृ. ५ ते १४ पर्यंत)

 

यात्रा शुल्क:- ₹२७,०००/- (प्रति व्यक्ती)

 

भोजन, निवास ,चहा/कॉफी,नाश्ता, पॅकेज्ड पिण्याचे पाणी, प्रेक्षणीय स्थळ शुल्क, नाव प्रवास शुल्क, स्थानीय प्रवास, गाइड (मार्गदर्शक), आदी सर्व खर्च यात्रा राशित समाविष्ट .

 


यात्रा वैशिष्ट्ये :-

 

नर्मदा माई ही शिवपुत्री आहे, श्रावण महिन्यात नर्मदे काठी शिवभक्तीचा सोहळा आणि उत्साह पाहण्यासारखा असतो. श्रावण महिन्यात नर्मदा तटावरील दिव्य, पुराणांमध्ये उल्लेखिलेल्या शिव तीर्थ दर्शनाचे अत्यंत विशेष महत्त्व आहे. याच कारणास्तव कैवल्यधाम तर्फे नाभीतीर्थ (नेमावर) ते शूलपाणी प्रवेशद्वार (बडवानी, राजघाट) पर्यंत एक अद्वितीय तीर्थ दर्शन यात्रा आयोजित करण्यात आली आहे.
या यात्रेत नर्मदा किनाऱ्यावरील अशा तीर्थांच्या दर्शनाचा योग आहे, ज्यांचे दर्शन वाहनाद्वारे केल्या जाणाऱ्या संपूर्ण परिक्रमेत शक्य नाही. श्रावण महिन्यात नर्मदा तटावरील जवळपास २१ दिव्य आणि पौराणिक शिवलिंगांच्या दर्शन-पूजनाचा लाभ भाविकांना मिळतो. पावसाळ्याचे दिवस असल्याने नर्मदा मैय्या चे विशाल आणि रौद्र रूपाचे (पूर सदृश परिस्थितीचे) दर्शन घडण्याचीही शक्यता आहे.

याच वैशिष्ट्यांमुळे ‘नर्मदा खंड शिवलिंग दर्शन यात्रा’ ही नर्मदा माईचे दिव्य दर्शन घडवणारी एक अद्भुत आणि अतिशय रम्य यात्रा आहे. श्रावण महिन्यात आयोजित होणाऱ्या या अप्रतिम यात्रेत आपले मनापासून हार्दिक स्वागत आहे.

 

यात्रा कार्यक्रम :-

 

दिवस पहिला (02-09-26) :- सकाळी 10 वाजल्यापासून ओंकारेश्वर येथे सर्वांचे एकत्रीकरण आणि आयोजकांची सेवा प्रारंभ.

 

दिवस आठवा (10-09-26) :- रात्री 8 वाजता यात्रा समाप्ती आणि ओंकारेश्वर येथे रात्री विश्राम.

 

दिवस नववा (11-09-26) :- सकाळी 10 वाजता यात्रा विसर्जन आणि आयोजकांच्या सेवेची सांगता .

 

दर्शनीय तीर्थक्षेत्र :-


रावेरखेडी (बाजीराव पेशवे समाधी), बकावां (नर्मदेश्वर शिवलिंग निर्माण स्थळ), तेली भट्ट्यान (संत सियाराम बाबा आश्रम दर्शन), धरमपुरी (बिल्वामृतेश्वर द्विप, दधीचि तपःस्थली), मांडवगड दर्शन (नीलकंठेश्वर, चतुर्भुज श्रीराम मंदिर, रेवाकुंड, रूपमती वीथिका, जहाज महाल इत्यादी), महेश्वर (र सुंदर नर्मदा घाट, अहिल्यामाता राजवाडा, सहस्त्रार्जुन मंदिर, सहस्त्रधारा इत्यादी), कठोरा (मांडव्य गुहा), मंडलेश्वर (गुप्तेश्वर महादेव, पू. गोंदवलेकर महाराज श्रीराम मंदिर), नेमावर (सिद्धनाथ, नाभिकुंड), हंडिया (ऋद्धनाथ), मनावर (देवरा सिद्ध शिवालय), बडवाह (जयंती माता, च्यवन ऋषी तपःस्थली महोदरी ), बडवानी (राजघाट, रोहिणी तीर्थ, पू. टेंबे स्वामी महाराज स्थापित एकमुखी दत्तात्रय मंदिर), लोहारा (कपिल मुनी तपःस्थली घाट), नावडा टोडी (शालिवाहन मंदिर), खैगाव (धारेश्वर तीर्थ), ओखलेश्वर (सिद्ध स्वयंभू हनुमान), पिपरी (सीतावन, सीताकुंड), बीड (संत सिंगाजी समाधी), बोधवाडा (देवपथ तीर्थ लिंग), निसरपूर (कोटेश्वर), कटघडा (कैवल्यधाम आश्रम), ओंकारेश्वर (ममलेश्वर, नौका द्वारे मांधाता पर्वत परिक्रमा).

 

टीप:- नावेने मांधाता परिक्रमा नर्मदे च्य नदीच्या पाण्याच्या पातळीवर अवलंबून असेल.

राजघाट आणि कोटेश्वर (निसरपूर) चे दर्शन सरदार सरोवर धरणाच्या जलस्तरावर अवलंबून असेल.

पावसाळा असल्याने कार्यक्रमात अंशतः बदल करण्याचा अधिकार आयोजकांकडे सुरक्षित आहे.

 

अर्थ व्यवस्था :-


प्रवास खर्चामध्ये भोजन, निवास, पूजा साहित्य, स्थानिक प्रेक्षणीय स्थळ सफर इत्यादी सर्व शुल्कांचा समावेश आहे.

 

आरक्षणाच्या वेळी (बुकिंग करताना) प्रति व्यक्ती ₹ ९,०००/- जमा करून आपली जागा निश्चित करावी.

 

उर्वरित रक्कम प्रवास सुरू होताना जमा करावी.

 

आपण निवडलेला प्रवास सुरू होण्यापूर्वी ६० किंवा त्यापेक्षा जास्त दिवस आधी आरक्षण रद्द केल्यास ₹ २,०००/-, ३० ते ५९ दिवसांच्या दरम्यान एकूण प्रवास खर्चाच्या २५%, आणि १५ ते २९ दिवसांच्या दरम्यान एकूण प्रवास खर्चाच्या ५०% रक्कम वजा करून उर्वरित रक्कम परत केली जाईल.

 

प्रवास सुरू होण्यास १५ दिवस किंवा त्यापेक्षा कमी दिवस शिल्लक असताना कोणतीही रक्कम परत केली जाणार नाही.

 

दिलेल्या मुदतीत प्रवासाची उर्वरित रक्कम जमा न केल्यास आरक्षण आपोआप रद्द समजले जाईल आणि नियमानुसार रक्कम वजा करून उर्वरित रक्कम परत केली जाईल.

 

आरक्षण रक्कम जमा केल्यावर प्रवाशाला सर्व सुविधा आणि नियम माहित व मान्य आहेत, असे गृहीत धरले जाईल.

 

प्रवास सुरू झाल्यानंतर काही कारणास्तव मध्येच प्रवास सोडल्यास कोणतीही रक्कम परत केली जाणार नाही.

 

ओंकारेश्वरपर्यंत येण्या-जाण्याचा खर्च (प्रवास खर्च) प्रवासी स्वतः उचलतील.

 

काही अपरिहार्य कारणारस्तव आरक्षण रद्द करावे लागल्यास, इतर दुसरे प्रवासी पाठवू शकता.

 

आरक्षण रद्द झाल्यावर प्रवासाची रक्कम इतर कोणत्याही यात्रेत समायोजित केली जाणार नाही.

 

कृपया कोणत्याही प्रकारची सवलत किंवा डिस्काउंटबाबत चर्चा करू नये.

 

नैसर्गिक आपत्ती किंवा शासकीय निर्बंध (लॉकडाऊन, कर्फ्यू, युद्ध) मुळे प्रवास रद्द झाल्यास जमा केलेली रक्कम परत न करता ती भविष्यातील यात्रेत समायोजित केली जाईल

 


प्रवास व्यवस्था:-

 

 संपूर्ण प्रवास २+१ (१७ सीटर) किंवा २+२ (२६ सीटर) ए.सी. टेम्पो ट्रॅव्हलर मिनी बसद्वारे पूर्ण केला जाईल, ज्यामुळे अरुंद रस्ते आणि दुर्गम ठिकाणी जाणे सोयीचे होईल.

 

दररोज १ ते १.५ किमी पायी चालण्याची मानसिक आणि शारीरिक तयारी ठेवूनच प्रवासाला यावे.


बसमधील आसन व्यवस्था 'आधी येईल त्याला प्राधान्य या तत्त्वावर असेल.

 

भोजन व्यवस्था:-


प्रवासादरम्यान दोन्ही वेळा शुद्ध-सात्विक आणि स्वादिष्ट भोजनाची व्यवस्था असेल, ज्यामध्ये  समयानुसार मिष्ठान्नाचा समावेश असेल.

 

सामूहिक उपवासाची (जन्माष्टमी, एकादशी) व्यवस्था केली जाईल. वैयक्तिक आणि साप्ताहिक उपवासाची स्वतंत्र व्यवस्था नसेल.

 

सकाळी नाश्ता आणि दोन वेळा चहा/कॉफीची (व्हेंडिंग मशीनद्वारे) व्यवस्था असेल.

 

वेळेवर भोजन प्रसादाची व्यवस्था व्हावी यासाठी स्वतंत्र भोजन वाहनाची (कॅटरिंग व्हेईकल) व्यवस्था असेल.

 

प्रत्येक प्रवाशाला दररोज २ लीटर पॅकेज्ड पिण्याचे पाणी दिले जाईल.


निवास व्यवस्था:-


संपूर्ण प्रवासात प्रत्येक २ प्रवाश्यांसाठी १ डबल बेड आणि अटॅच प्रसाधनगृह असलेली रूम दिली जाईल.

 

निवास व्यवस्था सर्व सुविधायुक्त हॉटेल मधे असल्याने प्रवाशांना ब्लँकेट, चादर इत्यादी सोबत आणण्याची आवश्यकता नाही.

 

निवास व्यवस्था नॉन ए.सी. असेल. ए.सी. सुविधेसाठी अतिरिक्त शुल्क द्यावे लागेल.

 

पहिल्या मजल्यापर्यंत (फर्स्ट फ्लोअर) चढण्या-उतरण्याची मानसिक तयारी ठेवून प्रवास करावा. एक-दोन ठिकाणी लिफ्टची सुविधा उपलब्ध नाही.

 

यात्रेव्यतिरिक्त ओंकारेश्वर येथील निवासाचा खर्च प्रवाशांना स्वतः करावा लागेल.

 

सामान आणि अन्य सूचना:-


प्रवासी आपल्या शारीरिक स्वास्थ्य आणि पथ्यपाण्याची स्वतः काळजी घेतील. नियमित औषधे पुरेशा प्रमाणात सोबत ठेवावीत.

 

 प्राथमिक उपचारांची सोय उपलब्ध असेल, परंतु प्रकृती अधिक खालावल्यास नातेवाईकांना सूचित करून योग्य तो निर्णय घेतला जाईल.

 

कमीत कमी सामानासह प्रवास करून जास्तीत जास्त आनंद घ्यावा. ३-४ दिवसांचे सामान एका लहान एअरबॅगमध्ये ठेवावे, जी तुम्ही दररोज स्वतःसोबत बाळगू शकाल. 

 

मोठी सुटकेस किंवा बॅग जी वाहनाच्या डिक्कीत ठेवली जाईल, ती ३-४ दिवसांतून एकदा सेवकांमार्फत मुक्कामाच्या ठिकाणी तुम्हाला दिली जाईल.

 

मौल्यवान दागिने आणि वस्तू स्वतःच्या जबाबदारीवर आणाव्यात.

 

प्रवाशांनी आपल्यासोबत शासनाने प्रमाणित ओळखपत्र (उदा. आधार कार्ड, पासपोर्ट इत्यादी) आणि एक पासपोर्ट आकाराचा फोटो अर्ज पत्रासोबत जोडणे आवश्यक आहे.

 

नर्मदास्नान दरम्यान आणि इतर ठिकाणी सुरक्षा नियमांचे पालन करणे ही प्रवाशाची स्वतःची जबाबदारी असेल.

 

नर्मदेच्या घाटांवर स्वच्छतेची काळजी घेणे आणि स्नानाच्या वेळी साबणाचा वापर न करणे हे प्रवाश्याचे कर्तव्य आहे.

 

तात्कालिक अपरिहार्य कारणास्तव कार्यक्रमात बदल करण्याचा अधिकार आयोजकांकडे सुरक्षित आहे.

 

पावसाळ्याचे दिवस असल्याने प्रवाशश्यांनी आपल्यासोबत स्वतःची छत्री किंवा रेनकोट आवर्जून आणावा. आपले सामान जलरोधक (वाटरप्रूफ) बॅगमध्ये आणावे.

 

श्रावण महिन्यात आयोजित होणाऱ्या या अप्रतिम यात्रेत आपले मनापासून हार्दिक स्वागत आहे.

 

||नर्मदे हर ||